सोमवार को लोकसभा में भारी हंगामे के बीच नया आयकर विधेयक (संख्या 2), 2025 और कराधान कानून संशोधन विधेयक पारित कर दिए गए। ये बिल बिना किसी चर्चा के कुछ ही मिनटों में पास हो गए। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया। वहीं, राज्यसभा में गोवा एसटी आरक्षण और मणिपुर से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए।इस बीच विपक्षी दलों ने वोटर वेरिफिकेशन में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई सांसदों को हिरासत में लिया गया, हालांकि कुछ घंटों में छोड़ दिया गया।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नया आयकर विधेयक पुराने 1961 के जटिल कानून की जगह लेगा। इसमें सेलेक्ट कमेटी की 285 सिफारिशें शामिल की गई हैं और इसे 50% तक सरल बनाया गया है। नए प्रावधानों में टैक्स स्लैब में बदलाव, टैक्स छूट सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख करना, और देरी से दाखिल रिटर्न पर भी रिफंड की अनुमति शामिल है.
संसद में सोमवार को विपक्षी हंगामे के बीच नया आयकर विधेयक (संख्या-2), 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक-2025 बिना बहस के लोकसभा से पारित कर दिए गए। इस बीच विपक्ष वोटर वेरिफिकेशन और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार हंगामा करता रहा। विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च भी निकाला, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया, बाद में रिहा कर दिया गया।
बिल की खास बातें:
- 60 साल पुराने आयकर कानून को सरल बनाने के लिए नया विधेयक लाया गया।
- यह कानून 2026 से लागू होगा।
- टीडीएस, टैक्स छूट, फाइलिंग प्रोसेस और जुर्माने से जुड़े नियम आसान बनाए गए हैं।
- देरी से रिटर्न दाखिल करने वालों को भी अब रिफंड का हक मिलेगा।
- शिक्षा लोन जैसे मामलों में TCS अब शून्य होगा।
- नए कानून में डिजिटल छानबीन के अधिकार को लेकर विवाद, हालांकि शब्दों की भाषा बदली गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिल में सेलेक्ट कमेटी की 285 सिफारिशों को शामिल किया गया है। यह कानून टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी और करदाता के अनुकूल बनाएगा।
विशेषज्ञों की राय
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि नया कानून मुकदमों को घटाएगा, एमएसएमई और मध्यम वर्ग को राहत देगा, और टैक्स स्लैब में बदलाव से लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा।
राजनीतिक विवाद
मार्च के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया, वहीं प्रियंका गांधी ने सरकार को कायर बताया।
टीएमसी की मिताली बाग और महुआ मोइत्रा की तबीयत प्रदर्शन के दौरान बिगड़ गई।
खड़गे ने राज्यसभा में कहा बिना चर्चा के विधेयक पारित होना लोकतंत्र के साथ धोखा है।