पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी अड्डों को मिट्टी में मिला दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पीएम मोदी ने बड़ा बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि ‘आज हम सबके लिए गर्व का दिन है.
पाकिस्तान के किन-किन आतंकी ठिकानों को भारतीय सेना ने किया ध्वस्त, कर्नल सोफिया कुरैशी ने दी पूरी जानकारी
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) के भीतर मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह किया गया।सैन्य सूत्रों के मुताबिक, ये सभी ठिकाने आतंकी प्रशिक्षण, हथियारों के भंडारण और हमलों की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
इस बड़ी कार्रवाई पर भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर प्रेस को ब्रीफ करने के लिए सेना की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह मौजूद रहीं।
प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया गया। 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने पर्यटकों पर बर्बर हमला कर 25 भारतीय और एक विदेशी नागरिक की हत्या कर दी थी।
नई दिल्ली से एक बड़ी और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की पुष्टि हुई है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को लक्ष्य बनाते हुए गहन मिसाइल हमले किए हैं। यह ऑपरेशन 7 मई की रात 1:05 बजे शुरू हुआ और 1:30 बजे तक चला। इस कार्रवाई में कुल 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद किए गए, जिनमें से 5 POK में और 4 पाकिस्तान के भीतर थे।
प्रमुख लक्ष्यों में शामिल थे
- मुजफ्फराबाद के शवाई नाला कैंप (लश्कर-ए-तैयबा)
- सैयदना बिलाल कैंप (जैश-ए-मोहम्मद)
- कोटली के गुलपुर और अन्य फिदायीन ट्रेनिंग कैंप
- भिम्बेर का बरनाला आईईडी कैंप
- मुरीदके, सियालकोट, बहावलपुर जैसे आतंक के गढ़
सरकार और सेना ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ऑपरेशन की पुष्टि की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ब्रीफिंग में बताया कि यह स्ट्राइक हालिया पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए की गई। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में लश्कर से जुड़े आतंकियों ने 25 भारतीय और एक विदेशी नागरिक की निर्मम हत्या की थी।
कउन्होंने बताया कि हमले में तबाह मुजफ्फराबाद का सवायनाला कैंप पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) से 30 किमी की दूरी पर है. यह लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग सेंटर था, जहां से पिछले साल अक्टूबर में हुए सोनमर्ग और गुलमर्ग हमले और अब 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के आतंकियों ने इसी ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग ली थी.
मुजफ्फराबाद का सईदना बिलाल कैंप, कोटली का गुलपुर और अब्बास कैंप, और भिमबर का बरनाला कैंप पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। ये कैंप पुंछ, रजौरी और तीर्थयात्रा हमलों से जुड़े थे।
पाकिस्तान के अंदर सियालकोट का सरजल और मेहमूना जोया कैंप, मुरीदके का मरकज तैयबा, जहां 26/11 की साजिश रची गई थी. और बहावलपुर के पास मरकज सुभानअल्लाह जैश HQ को भी नेस्तनाबूद किया गया।कर्नल कुरैशी ने स्पष्ट किया कि किसी नागरिक या पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है।
कर्नल सोफिया ने प्रेस को बताया कि जिन कैंपों को निशाना बनाया गया, वहां से 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों को प्रशिक्षण मिला था।
महत्वपूर्ण बिंदु
- सेना ने 100 किमी भीतर तक स्ट्राइक की
- नागरिक इलाकों से दूर चुनिंदा आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया
- सभी कार्रवाई खुफिया एजेंसियों की पुख्ता जानकारी के आधार पर की गई
- ऑपरेशन में तीनों सेनाओं की समन्वित भागीदारी रही
विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत की यह कार्रवाई सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध एक नपी-तुली और प्रतिरोधात्मक प्रतिक्रिया है, जिसका उद्देश्य भविष्य के आतंकी प्रयासों को रोकना है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकी प्रायोजकों को न्याय के दायरे में लाने की मांग के संदर्भ में भी इस ऑपरेशन को देखा जा रहा है।





