इटावा के यादव कथावाचकों को अखिलेश ने किया सम्मानित, बोले भागवत कथा सबके लिए है जब सुन सकते हैं तो सुना क्यों नहीं सकते

इटावा के यादव कथावाचकों को अखिलेश ने किया सम्मानित

इटावा में कथावाचकों के साथ हुई मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में पीड़ित कथावाचकों को सम्मानित किया।उन्होंने 21-21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और जल्द ही 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।अखिलेश ने कहा कि भागवत कथा सबके लिए है. जब कथा सब सुन सकते हैं तो सब बोल क्यों नहीं सकते. मंगलवार को लखनऊ स्थित सपा ऑफिस में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सच्चे कृष्ण भक्तों को भागवत कथा कहने से रोका जाएगा तो कोई ये अपमान क्यों सहेगा? यदि यही होगा तो ‘प्रभुत्ववादी’ और ‘वर्चस्ववादी’ लोग यह घोषित करें कि वे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) द्वारा दिया गया दान और चढ़ावा कभी स्वीकार नहीं करेंगे. सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार को “हृदयहीन और अलोकतांत्रिक” बताया और संविधान के मूल्यों के तहत न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी।

यह भी पढ़ेंमथुरा: बांके बिहारी दर्शन से लौट रहे परिवार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, बेटे की मौत; माता-पिता घायल

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इटावा में कथावाचकों के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों को सम्मानित किया और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने प्रत्येक कथावाचक को 21-21 हजार रुपये की सहायता राशि सौंपी और भविष्य में 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की।

अखिलेश यादव ने कहा कि भगवत कथा सबके लिए है, और यदि सभी लोग इसे सुन सकते हैं, तो सभी को इसे कहने का भी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वर्चस्ववादी लोग धार्मिक कथाओं के मंच पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं।

सपा अध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा, “यदि सच्चे कृष्ण भक्तों को कथा कहने से रोका जाएगा, तो यह अपमान कौन सहेगा?” उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों को कथा कहने से रोका जाएगा, तो क्या प्रभुत्वशाली लोग पीडीए से मिलने वाला चढ़ावा और दान भी ठुकराएंगे?

अखिलेश ने इटावा की घटना को समाज की समानता और सम्मान के खिलाफ बताया और कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से यह साफ होता है कि भाजपा सरकार वर्चस्ववादी ताकतों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर संविधान और प्रस्तावना के अनुसार न्याय हो, तो पीडीए वर्ग को बराबरी का दर्जा और सम्मान मिल सकेगा।

जानिए पूरा मामला
सूत्रों के अनुसार इटावा में कथावाचक की जाति पूछने के बाद उसके साथ मारपीट की गई, बाल काटे गए और एक महिला से ज़बरदस्ती पैर पर नाक रगड़वाई गई। इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई।

समाजवादी पार्टी का रुख
सपा प्रमुख ने साफ कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी और हर वंचित वर्ग के साथ खड़ी रहेगी। पार्टी द्वारा भविष्य में पीड़ितों की और भी सहायता की जाएगी।

Trending Videos you must watch it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »