शारदीय नवरात्रि 2025 दिन 3 : माँ चंद्रघंटा की कथा और आरती, इन मंत्रों का करें जाप।

नवरात्रि

नवरात्रि 2025 दिन की शुभकामनाएं : शारदीय नवरात्रि उत्सव में देवी दुर्गा की नौ दिवसीय पूजा गुरुवार, 22 सितंबर को शुरू हो चुकी है और 1 अक्टूबर 2025  तक चलेगी, वही 2 अक्टूबर को दशमी तिथि पर विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। इस बार शारदीय नवरात्रि में तिथि की वृद्धि हो रही है, जिससे नवरात्र 9 की बजाय 10 दिन के होंगे। तिथि वृद्धि को शुभ माना जाता है, यह सुख-समृद्धि और सौभाग्य का संकेत देती है, जिससे माता के आशीर्वाद से सभी कार्य सफल होते हैं।  

पहले, दूसरे दिन मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के बाद, नवरात्रि के तीसरे दिन, हम मां चंद्रघंटा की आराधना करते है।

यह भी पढ़ें : पाठ श्री दुर्गा चालीसा : नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी।

नवरात्रि 2025: माँ चंद्रघंटा की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में देवताओं और असुरों के बीच एक दीर्घकालिक युद्ध हुआ। इस युद्ध के समय असुरों का राजा महिषासुर था और देवताओं के स्वामी इंद्र थे। इस युद्ध में असुरों की जीत हुई और महिषासुर ने देवतालोक पर कब्जा कर लिया, इंद्र के सिंहासन पर अपना दावा रख दिया। महिषासुर ने इंद्र, सूर्य, चंद्र, और वायु जैसे सभी देवताओं के अधिकार छीन लिए। इस परिस्थिति में, परेशान हुए देवता धरती लोक पर आ गए। देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, और महेश को अपनी परेशानी बताई, जिससे वे बहुत नाराज़ हो गए। तीनों देवों के क्रोध के कारण उनके मुख से ऊर्जा उत्पन्न हुई, और यह ऊर्जा देवताओं के शरीर को भर दी। यह ऊर्जा देवताओं की सब दिशाओं में फैल गई और फिर मां भगवती के रूप में चंद्राघंटा के रूप में आयी। भगवान विष्णु ने उन्हें अपना त्रिशूल दिया, और इस त्रिशूल की मदद से मां चंद्रघंटा ने महिषासुर को युद्ध में मार दिया।

नवरात्रि 2025 दिन 3 : इन मंत्र का करें जाप (मां चंद्रघंटा के मंत्र)
ऐं श्रीं शक्तयै नम:।
ओम देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
आह्लादकरिनी चन्द्रभूषणा हस्ते पद्मधारिणी।
घण्टा शूल हलानी देवी दुष्ट भाव विनाशिनी।।

मां चंद्रघंटा की आरती

जय माँ चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे काम॥

चन्द्र समाज तू शीतल दाती।
चन्द्र तेज किरणों में समाती॥

क्रोध को शांत बनाने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली॥

मन की मालक मन भाती हो।
चंद्रघंटा तुम वर दाती हो॥

सुन्दर भाव को लाने वाली।
हर संकट में बचाने वाली॥

हर बुधवार को तुझे ध्याये।
श्रद्दा सहित तो विनय सुनाए॥

मूर्ति चन्द्र आकार बनाए।
शीश झुका कहे मन की बाता॥

पूर्ण आस करो जगत दाता।
कांचीपुर स्थान तुम्हारा॥

कर्नाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटू महारानी॥

भक्त की रक्षा करो भवानी।

॥ मां चंद्रघंटा की आरती सम्पूर्ण 

मा भगवती के नौ ( नवरात्रि ) स्वरूपों की महत्वपूर्ण तिथियां व निरूपण

Trending Videos you must watch it

news bp bharat ads
अपने व्यवसाय के लिए विज्ञापन खरीदें बिजनेस को आगे बढ़ाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »