शारदीय नवरात्रि 2025 दिन 6 : माँ कात्यायिनी की कथा, यहां जानें मां का प्रिय भोग, आरती, इन मंत्रों का करें जाप।

शारदीय नवरात्रि 2025 दिन 6

नवरात्रि 2025 दिन 6 की शुभकामनाएं : शारदीय नवरात्रि उत्सव में देवी दुर्गा की नौ दिवसीय पूजा गुरुवार, 22 सितम्बर को शुरू हो चुकी है और 1 अक्टूबर 2024  तक चलेगी, वही 2 अक्टूबर को दशमी तिथि पर विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा।इस बार शारदीय नवरात्रि में तिथि की वृद्धि हो रही है, जिससे नवरात्र 9 की बजाय 10 दिन के होंगे। तिथि वृद्धि को शुभ माना जाता है, यह सुख-समृद्धि और सौभाग्य का संकेत देती है, जिससे माता के आशीर्वाद से सभी कार्य सफल होते हैं।  

यह भी पढ़ें : पाठ श्री दुर्गा चालीसा : नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी।

मां कात्यायनी का पूजा मंत्र
कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी।
कंचनाभा वराभयं पद्मधरां मुकटोज्जवलां। स्मेरमुखीं शिवपत्नी कात्यायनी नमोस्तुते।’

मां कात्यायनी का भोग
मां कात्यायनी को पीला रंग बहुत पसंद है इसलिए भक्त उन्हें पीले रंग की मिठाई अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां को शहद से बने हलवे का भोग लगाएं। ऐसा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।

माँ कात्यायिनी की कथा
पौराराणिक कथा के अनुसार वनमीकथ का नाम के महर्षि थे, उनका एक पुत्र था जिसका नाम कात्य रखा गया। इसके बाद कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने जन्म लिया, उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने मां भगवती को पुत्री के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उन्हें साक्षात दर्शन दिया। कात्यायन ऋषि ने माता को अपनी मंशा बताई, देवी भगवती ने वचन दिया कि वह उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लेंगी।

जब तीनों लोक पर महिषासुर नामक दैत्य का अत्याचार बढ़ गया और देवी देवता उसके कृत्य से परेशान हो गए, तब ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव के तेज से माता ने महर्षि कात्यायन के घर जन्म लिया। इसलिए माता के इस स्वरूप को कात्यायनी के नाम से जाना जाता है। माता के जन्म के बाद कात्यायन ऋषि ने सप्तमी, अष्टमी और नवमी तीन दिनों तक मां कात्यायनी की विधिवत पूजा अर्चना की। इसके बाद मां कात्यायनी ने दशमी के दिन महिषासुर नामक दैत्य का वध कर तीनों लोक को उसके अत्याचार से बचाया।

माता कात्यायनी मंत्र

1- ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
2-
कंचनाभा वराभयं पद्मधरां मुकटोज्जवलां।
स्मेरमुखीं शिवपत्नी कात्यायनी नमोस्तुते॥
3- चन्द्रहासोज्जवलकरा शाईलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।

नवरात्रि मा भगवती के नौ स्वरूप
नवरात्रि मा भगवती के नौ स्वरूप

Trending Videos you must watch it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »