योगी सरकार ने दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने का निर्णय लिया गया है। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो चरणों में होगा. पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक और दूसरा जनवरी से मार्च 2026 तक चलेगा। योजना के तहत पहले चरण में आधार प्रमाणित 1.23 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वितरण की प्रक्रिया इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से की जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ने 1500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है और 346.34 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि ऑयल कंपनियों को जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में पात्र महिलाओं को यह दिवाली गिफ्ट देंगे।
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योगी सरकार ने दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को खास तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग की महिलाओं को प्रति वर्ष दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस योजना की शुरुआत बुधवार को लोकभवन सभागार में करेंगे और पात्र महिलाओं को यह दिवाली गिफ्ट सौंपेंगे।
सरकार का यह फैसला महिलाओं को स्वच्छ ईंधन और आर्थिक सहयोग देने की दिशा में एक अहम कदम है। योजना का लाभ वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो चरणों में मिलेगा—पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक और दूसरा चरण जनवरी से मार्च 2026 तक। इस योजना पर 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और फिलहाल 1.23 करोड़ आधार प्रमाणित लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों को 346.34 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि दी जा चुकी है, जिससे समय पर सिलेंडर वितरण सुनिश्चित हो सके।
वहीं दूसरी ओर, शिक्षामित्रों के लिए भी दिवाली खुशियों से भरी रहेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 1.30 लाख शिक्षामित्रों के सितंबर माह के मानदेय के लिए 129 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है, जो अगले एक-दो दिन में उनके खातों में भेजी जाएगी। पहले ही 4.5 लाख से अधिक शिक्षकों का वेतन जारी हो चुका था, लेकिन शिक्षामित्रों को मानदेय का इंतजार था। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि सिर्फ पात्र शिक्षामित्रों को ही भुगतान किया जाए और इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए।
यह दोनों फैसले दिखाते हैं कि योगी सरकार गरीबों, महिलाओं और शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के कल्याण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।





