Ahoi Ashtami 2025: राधाकुंड में स्नान करने घडी आ गई है, निसंतान दंपतियों को होगी संतान प्राप्ति, जानिए कितने बजे से शुरू होगा स्नान

Ahoi Ashtami 2025: राधाकुंड में स्नान करने घडी आ गई है

अहोई अष्टमी पर मथुरा के राधारानी कुंड में निसंतान दंपतियों की आस्था चरम पर है। मान्यता है कि इस दिन कुंड में स्नान करने से संतान की प्राप्ति होती है। अर्धरात्रि 12 बजे से लाखों श्रद्धालु स्नान करेंगे। कुंड के चारों ओर सजावट की गई है और परिक्रमा मार्ग को एलईडी व रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है।श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। स्नान के लिए गौरा धाम कॉलोनी से प्रवेश कराया जाएगा और स्कूल परिसर को होल्डिंग एरिया बनाया गया है। राधाकुंड को चार सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा के लिए 600 आरक्षी, 250 उपनिरीक्षक, 55 इंस्पेक्टर, 13 सीओ, 5 एडिशनल एसपी और 94 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। पीएसी व गोताखोरों की भी ड्यूटी लगाई गई है।डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने मेला स्थल का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने व ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।कुंड में स्नान के लिए सुरक्षा के मद्देनजर सीढ़ियों से पहले बैरिकेडिंग की गई है। सफाई, पेयजल, पार्किंग और खोया-पाया शिविर जैसी व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं।

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अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा का श्रीधाम राधाकुंड एक बार फिर श्रद्धालुओं की गगनभेदी ‘राधे-राधे’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा है। संतान की कामना लिए देशभर से आए निसंतान दंपती राधारानी कुंड में स्नान कर देवी राधा से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करेंगे। मान्यता है कि अहोई अष्टमी की रात इस कुंड में स्नान करने से एक वर्ष के भीतर संतान की प्राप्ति होती है।

अर्धरात्रि 12 बजे से स्नान शुरू होगा और अनुमानित लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेंगे। कुंड के चारों ओर परिक्रमा मार्ग को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और एलईडी से सजाया गया है। संपूर्ण राधाकुंड क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे रात में दिन जैसा आलोक फैला है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित और सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। स्नानार्थियों के प्रवेश के लिए 100 फुटा रोड स्थित गौरा धाम कॉलोनी मार्ग निर्धारित किया गया है, जबकि गौरा धाम स्कूल को होल्डिंग एरिया बनाया गया है।

मेला क्षेत्र को चार सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 600 आरक्षी, 250 उपनिरीक्षक, 55 निरीक्षक, 13 क्षेत्राधिकारी, 5 एडीशनल एसपी और 94 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा पीएसी और गोताखोरों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने रविवार को राधाकुंड पहुंचकर मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए। राधाकुंड व गोवर्धन मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है।

स्नान स्थल पर सुरक्षा के लिहाज से सीढ़ियों से पहले बैरिकेडिंग की गई है। कार्तिक नियम सेवा में जुटे श्रद्धालु रात 3 बजे के बाद स्नान कर सकेंगे, जिससे एक साथ भीड़ न बढ़े। प्रशासन द्वारा खोया-पाया शिविर, पेयजल, सफाई, पार्किंग जैसी सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।

अहोई अष्टमी का यह महापर्व श्रद्धा, आस्था और व्यवस्था का सुंदर संगम बनकर राधाकुंड में एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है।

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