रमणरेती आश्रम में शनिवार को होली महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठाकुर रमण बिहारी के आंगन में फूलों और गुलाल की होली खेली गई, जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु प्रेम रंग में सराबोर हो गए। कलाकारों ने होली रास और लठामार होली की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा।महोत्सव में चंद्र प्रकाश सिंह और श्लोक कुमार भी शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने संतों का आशीर्वाद लेकर श्रद्धालुओं के साथ गुलाल उड़ाया और होली की बधाई दी। रंगों और भक्ति के इस उत्सव ने ब्रज में होली के आगाज़ को यादगार बना दिया।
यह भी पढ़ें: राशिफल 21 फरवरी 2026: आज दिन शनिवार, बन रहा है बुधायित्व योग, इन राशियों के लोग आर्थिक मामलों में बचत और घर के खर्चों पर ध्यान दें।
रमण रेती आश्रम में शनिवार को होली महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। ठाकुर रमण बिहारी के आंगन में फूलों और गुलाल की होली खेली गई, जहां देश-विदेश से आए भक्त प्रेम रस में सराबोर हो गए। मंदिर परिसर में उड़ते अबीर-गुलाल और चंदन-केसर मिश्रित रंगों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कलाकारों ने होली रास, लठामार होली और फूलों की होली की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा आश्रम ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा।ब्रज में होली के आगाज़ के साथ गोकुल की रमण रेती रंगों में डूबती नजर आई।
महोत्सव की खास बात यह रही कि जिले के अधिकारी भी आम श्रद्धालुओं के साथ होली के रंग में रंगे दिखे। चंद्र प्रकाश सिंह और श्लोक कुमार ने आश्रम पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के साथ गुलाल उड़ाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
रंगों की इस छटा और भक्ति संगीत पर झूमते श्रद्धालुओं ने ब्रज की पारंपरिक होली को जीवंत कर दिया। संतों के सान्निध्य में शुरू हुआ यह उत्सव अब पूरे ब्रज में रंग जमाने लगा है।





