मथुरा के बरसाना में मंगलवार को राधारानी (लाडलीजी) मंदिर में लड्डूमार होली धूमधाम से मनाई गई। महंतों ने मंदिर की छत से श्रद्धालुओं पर लड्डू बरसाए, जिन्हें भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। होली गीतों और भजनों के बीच अबीर-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया गया। महिलाओं, बच्चों और श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। करीब 10 लाख श्रद्धालु, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल थे, इस अनोखी होली के साक्षी बने।दोपहर में बरसाना की सखियां दुल्हन की तरह सजकर सिर पर अबीर की मटकी और लड्डू लेकर नंदबाबा मंदिर पहुंचीं, जहां फाग गीत गाए गए और होली का निमंत्रण दिया गया। लड्डूमार होली के लिए बरसाना, वृंदावन, गोवर्धन और नंदगांव सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 100 क्विंटल लड्डू तैयार किए गए। रंगों के लिए टेसू के फूलों का इस्तेमाल हुआ, जो मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से मंगवाए गए थे। राजस्थान से आए कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य-गान कर उत्सव को और रंगीन बना दिया। बरसाना धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया और पूरा क्षेत्र होली के उत्साह में सराबोर नजर आया।
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मथुरा के बरसाना में मंगलवार को राधारानी (लाडलीजी) मंदिर में पारंपरिक लड्डूमार होली का भव्य आयोजन हुआ। मंदिर की छत पर बनी सफेद छतरी से महंतों ने श्रद्धालुओं पर लड्डू बरसाए, जिन्हें भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। होली गीतों और भजनों के बीच अबीर-गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया गया। महिलाओं, बच्चों और श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। इस अनोखी होली को देखने और खेलने के लिए करीब 10 लाख श्रद्धालु बरसाना पहुंचे, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे।
दोपहर में बरसाना की सखियां दुल्हन की तरह सजकर सिर पर अबीर की मटकी और लड्डू लेकर नंदबाबा मंदिर पहुंचीं। वहां फाग गीत गाए गए, नृत्य हुआ और लड्डू लुटाकर होली खेलने का निमंत्रण दिया गया। लड्डूमार होली के लिए बरसाना, वृंदावन, मथुरा, गोवर्धन और नंदगांव में लगभग 100 क्विंटल लड्डू तैयार किए गए। शगुन के लड्डू लाडलीजी मंदिर की रसोई में बनाए गए। रंगों के लिए टेसू के फूलों का उपयोग किया गया, जो मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से मंगवाए गए थे।
राजस्थान से आए कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते मंदिर पहुंचे। नंदबाबा मंदिर परिसर और श्रीजी मंदिर का आंगन अबीर-गुलाल से सराबोर नजर आया। श्रद्धालु सेल्फी लेते दिखे और पूरे बरसाना धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया।
उत्सव के दौरान राधारानी की सखियों ने हुरियारों संग नृत्य किया। लड्डूमार होली देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे दुर्लभ अवसर बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अनूठे उत्सव में शामिल होने की अपील की।





