चीन के स्कूलों में रहस्यमय निमोनिया का प्रकोप फैल गया है और इसके परिणामस्वरूप अस्पताल बीमार बच्चों से भर गए हैं। WHO ने चीन से इन मामलों में बढ़ोतरी पर विस्तृत जानकारी मांगी है.
यह भी पढ़ें : ग्रेटर नोएडा : एक दिन में नाइजीरियन समेत दो छात्रों की मौत।
कोरोना के परिणामस्वरूप लोग अब महामारी के नाम से ही डरने लगे हैं। इस समय, एक नई महामारी का खतरा फिर से उभर रहा है, जिसकी शुरुआत चीन से हो रही है, जैसा कि कोविड-19 के समय हुआ था। चीन के कई अस्पतालों में इस रहस्यमयी बीमारी के मरीज देखे गए हैं, और इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की भी चिंता बढ़ गई है। इस बीमारी को खासकर स्कूली बच्चों में देखा जा रहा है।
प्रकोप का केंद्र बीजिंग और लियाओनिंग प्रांत हैं, जहां बाल चिकित्सा अस्पतालों को भारी संख्या में बीमार बच्चों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ स्कूलों में कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं, क्योंकि छात्र और शिक्षक दोनों बीमार पड़ गए हैं, यह स्थिति कोविड-19 के शुरुआती दिनों की याद दिलाती है।
यह भी पढ़ें : गाजियाबाद : एक घर में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
बच्चों पर ही दिख रहा ज्यादा प्रभाव
रहस्यमयी निमोनिया से जुड़े अधिकांश मरीज चीन के उत्तर-पूर्वी बीजिंग और लियाओनिंग के अस्पतालों में देखे जा रहे हैं. हालत इतनी खराब है कि संसाधनों पर दबाव पड़ने लगा है. बीमारी का प्रकोप इतना है कि सरकार ने यहां स्कूल बंद करने की तैयारी कर ली है. इस बीमारी के संबंध में एक ओपन-एक्सेस निगरानी प्रोमेड अलर्ट ने दुनियाभर में चेतावनी जारी की है. यह मंच पूरी दुनिया में होने वाली बीमारियों पर नजर बनाए रखता है. चीन में आए रहस्यमयी निमोनिया के बारे में चेतावनी देते हुए इस संस्था ने कहा है कि इस बीमारी का प्रकोप खासतौर पर बच्चों पर ही देखा जा रहा है.
WHO को जारी करना पड़ा बयान, कही ये बात
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बीमारी की चौंकाने वाली रिपोर्ट्स के बाद चीन से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अनुरोध किया है. WHO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चीन ने इस बीमारी के बारे में 13 नवंबर 2023 को स्थानीय मीडिया को बताया था. स्वास्थ्य एजेंसी ने चीन से इस बीमारी से जुड़े मामलों पर कड़ी निगरानी बनाए रखने की मांग की है. WHO ने बताया है कि 21 नवंबर को, प्रोमेड ने उत्तरी चीन में फैल रही इस बीमारी के बारे में जानकारी प्रदान की. WHO चीन से इस बीमारी के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है.




