सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड को किया रद्द, पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने बताया असंवैधानिक।

चुनावी बॉन्‍ड योजना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए सीजेआई ने कहा, यह स्कीम मनमानी है और नागरिकों के सूचना के अधिकार का उल्लंघन है

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सुप्रीम कोर्ट आज चुनावी बॉन्ड योजना की वैधता के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला दिया। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक बताते हुए सरकार को किसी अन्य विकल्प पर विचार करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड योजना की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियों को हो रही फंडिंग की जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। इलेक्टोरल बॉन्ड सूचना के अधिकार का उल्लंघन है।

पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने सुनाया फैसला
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की सर्वसम्मति से चुनावी बांड पर एक बड़ा फैसला आया है।चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़,जस्टिस संजीव खन्ना,जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सर्वसम्मति से चुनावी बांड को रद्द कर दिया है। इस फैसले में जजों की पीठ ने कहा कि ‘पॉलिटिकल प्रॉसेस में राजनीतिक दल अहम यूनिट होते हैं।पॉलिटिकल फंडिंग की जानकारी,वह प्रक्रिया है,जिससे मतदाता को वोट डालने के लिए सही चॉइस मिलती है।वोटर्स को चुनावी फंडिंग के बारे में जानने का अधिकार है,जिससे मतदान के लिए सही चयन होता है।’

सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई बैंक दिया आदेश
आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एसबीआई बैंक को आदेश देते हुए कहा कि 2019 से अब तक चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाये। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने पिछले साल दो नवंबर को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया।

काले धन को रोकने के लिए अन्य साधन तलाशे सरकार
संविधान पीठ ने कहा कि काले धन को रोकने के लिए चुनावी बॉन्ड के अलावा भी दूसरे तरीके हैं। हमारी राय है कि कम से कम प्रतिबंधात्मक साधनों से परीक्षण संतुष्ट नहीं होता। उस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए चुनावी बॉन्‍ड के अलावा अन्य साधन भी हैं। सरकार उन साधनों को तलाशे।काले धन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सूचना के अधिकार का उल्लंघन करना ठीक नहीं है। संविधान इस मामले में आंखे बंद कर के नहीं रख सकता, केवल इस आधार पर कि इसका गलत उपयोग हो सकता है ।

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