गोरखपुर में विजयदशमी के पावन अवसर पर परंपरागत शोभायात्रा निकाली गई. जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलेटप्रूफ रथ पर सवार होकर भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, डमरुओं और नाथपंथ के विशेष वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच निकली. इस भव्य यात्रा में श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर उमड़े रहे।मुख्यमंत्री योगी पारंपरिक महंत वेशभूषा में आर्य नगर रामलीला कमेटी से होते हुए मानसरोवर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महादेव का अभिषेक किया। इसके बाद रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम की आरती उतारी और उनका राजतिलक किया।इस भव्य शोभायात्रा का मुस्लिम, सिंधी और सर्वसमाज के लोगों ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया। रास्ते भर पुष्पवर्षा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक झांकियों ने माहौल को रंगीन बना दिया।सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, RAF, PAC और सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात रहे।विजयदशमी पर योगी आदित्यनाथ की इस शोभायात्रा ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को जीवंत किया, बल्कि सामाजिक सौहार्द और प्रशासनिक तैयारी का भी अद्भुत उदाहरण पेश किया।
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गोरखपुर में विजयदशमी के पावन अवसर पर गुरुवार शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक विजय शोभायात्रा निकाली गई। सत्य, धर्म और न्याय की विजय के प्रतीक इस आयोजन में आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री योगी पारंपरिक महंत वेश में रथ पर सवार होकर जब शोभायात्रा में निकले, तो नगर में चारों ओर उत्साह की लहर दौड़ गई। नाथपंथ के विशेष वाद्ययंत्रों नागफनी, तुरही, डमरू, नगाड़े और बैंड-बाजों की गूंज के बीच हनुमान दल के बालकों ने करतब दिखाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शोभायात्रा मार्ग पर दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मुस्लिम, सिंधी, बुनकर और पसमांदा समाज सहित सर्वसमाज के लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे सामाजिक एकता का संदेश भी गया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सभी को आशीर्वाद देते हुए शारदीय नवरात्र का प्रसाद वितरित किया।
शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवाधिदेव महादेव का अभिषेक कर पूजन किया। इसके बाद वह मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचे और वहाँ मंचित रामलीला में प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया, साथ ही माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी की आरती भी उतारी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा और गोरक्षपीठ के सामाजिक समरसता के संदेश ने सबको भावविभोर कर दिया.





