महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति गठबंधन सरकार का रविवार को नागपुर में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिसके बाद अब मंत्रिमंडल में कुल 42 सदस्य हो गए हैं। इसमें भाजपा को 19 मंत्री पद मिले, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 11 और अजित पवार की एनसीपी को 9 मंत्री पद दिए गए। इस शपथ ग्रहण समारोह में 33 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में और छह विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
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महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट का रविवार को पहला विस्तार हुआ। इस दौरान 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह नागपुर में आयोजित हुआ। इसके बाद अब मंत्रिमंडल में कुल 42 मंत्री हो गए हैं। इस विस्तार में भाजपा को 19 मंत्री पद मिले, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 11 और अजित पवार की एनसीपी को 9 मंत्री पद दिए गए।
33 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में और 6 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल पीसी राधाकृष्णन ने 16 से 21 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। सूत्रों के अनुसार, इन मंत्रियों का कार्यकाल 2.5 साल का होगा।
33 कैबिनेट मंत्री एवं छह विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत महायुति को भारी बहुमत मिलने के बाद, 5 दिसंबर को भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके 10 दिन बाद, रविवार को राज्य की उपराजधानी नागपुर स्थित राजभवन में हुए मंत्रिमंडल विस्तार समारोह में राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने 39 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इन नए मंत्रियों में 33 कैबिनेट मंत्री और 6 राज्यमंत्री शामिल हैं।
फडणवीस के मंत्रिमंडल में आज 39 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई
संख्या के अनुसार, भाजपा को 19, शिवसेना को 11 और राकांपा को 9 मंत्री पद मिले, जिनके शपथ ग्रहण की प्रक्रिया रविवार को हुई। अब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित राज्य मंत्रिमंडल में कुल 42 मंत्री हो गए हैं। यह मंत्रिमंडल विस्तार राज्य विधानमंडल के नागपुर में शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले हुआ।
दिग्गज नेताओं का पत्ता साफ़
आज हुए मंत्रिमंडल विस्तार में सरकार में शामिल तीनों दलों ने अपने कुछ प्रमुख नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया है। इनमें राकांपा से छगन भुजबल, भाजपा से सुधीर मुनगंटीवार, और शिवसेना से अब्दुल सत्तार एवं दीपक केसरकर का नाम शामिल है।
शिंदे के करीबियों का भी नाम कटा
छगन भुजबल राकांपा के वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ महाराष्ट्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। इसी तरह, सुधीर मुनगंटीवार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने 1995 में बनी शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार से लेकर 2014 की फडणवीस सरकार और 2022 की शिंदे सरकार तक विभिन्न मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है। वहीं, अब्दुल सत्तार और दीपक केसरकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, लेकिन इस बार दोनों नेताओं का भी मंत्रिमंडल से बाहर किया गया है।
इनको मिला मौका
नए मंत्रिमंडल में चार महिला सदस्यों को भी स्थान दिया गया है, जिनमें पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे, अदिति तटकरे, और पहली बार मंत्री बनीं माधुरी मिसाल और मेघना बोर्डीकर शामिल हैं। एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि इस मंत्रिमंडल में भाजपा की ओर से पंकजा मुंडे और राकांपा के कोटे से उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे को भी मंत्री बनाया गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले नागपुर में किया रोड शो
पंकजा मुंडे, जो राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की पुत्री हैं, को भी इस मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इस विस्तार में कुल 19 नए चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज नागपुर में एक रोड शो भी किया। फडणवीस, जो नागपुर की दक्षिण-पश्चिम नागपुर सीट से छठी बार विधायक चुने गए हैं, इस रोड शो के दौरान भारी जनसमर्थन का सामना कर रहे थे।