बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) ने अपना घोषणा पत्र जारी किया, जिसे ‘तेजस्वी का प्रण पत्र’ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बिहार को नंबर वन बनाने का संकल्प है। घोषणा पत्र में हर परिवार को 200 यूनिट फ्री बिजली, हर घर से एक सदस्य को सरकारी नौकरी, गरीब परिवारों को 500 रुपये में सिलेंडर, महिलाओं को 2500 रुपये मासिक सहायता, किसानों को फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी और 25 लाख रुपये तक मुफ्त स्वास्थ्य बीमा जैसी प्रमुख घोषणाएं की गईं। साथ ही, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, मनरेगा मजदूरी 300 रुपये करने और संविदा कर्मियों को स्थायी करने का वादा किया गया। तेजस्वी ने कहा कि सभी वादे विशेषज्ञों से चर्चा के बाद तय किए गए हैं और आने वाली सरकार इन्हें लागू करेगी।
यह भी पढ़ें : प्रशांत किशोर को चुनाव आयोग का नोटिस: दो राज्यों की वोटर लिस्ट में मिला नाम, तीन दिन में मांगा जवाब
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया महागठबंधन ने मंगलवार शाम अपना साझा घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसे नाम दिया गया है, तेजस्वी का प्रण’।पटना के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में महागठबंधन के सभी घटक दलों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में सीएम फेस तेजस्वी यादव ने इसे जारी किया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि घोषणा पत्र में कही गई हर बात लागू की जाएगी। हमारा प्रण है कि बिहार को नंबर वन राज्य बनाना है। आने वाली सरकार बिहार के हर बेटी-बेटे के लिए यहीं रोज़गार का इंतज़ाम करेगी ताकि किसी को मज़बूरी में पलायन न करना पड़े।
बजट से जुड़े सवाल पर तेजस्वी ने कहा, हम झूठे वादे नहीं करते। हर वादा एक्सपर्ट से चर्चा के बाद किया गया है। 2020 में भी लोगों ने सवाल उठाया था, लेकिन हमने 17 महीने में वादे पूरे किए। अब फर कह रहे हैं. हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे।
तेजस्वी का प्रण’ की 20 बड़ी घोषणाएं
- 20 दिनों के भीतर अधिनियम बनाकर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान।
- सभी जीविका सीएम (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थायी राज्यकर्मी का दर्जा।
- संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का स्थायीकरण।
- आईटी पार्क, कृषि उद्योग, पर्यटन और डेयरी सेक्टर में नए रोजगार के अवसर।
- पुरानी पेंशन स्कीम दोबारा लागू की जाएगी।
- ‘माई बहिन मान योजना’ के तहत दिसंबर से महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह।
- बुजुर्गों और विधवाओं को ₹1500 मासिक पेंशन (हर साल ₹200 की वृद्धि), दिव्यांगों को ₹3000।
- हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
- माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए नियामक कानून।
- प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म और परीक्षा शुल्क खत्म, केंद्र तक मुफ्त यात्रा।
- हर अनुमंडल में महिला कॉलेज, और जिन प्रखंडों में कॉलेज नहीं हैं वहां नए कॉलेज की स्थापना।
- शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और सरकारी कर्मचारियों के लिए गृह जिला से 70 किमी के भीतर पोस्टिंग नीति।
- किसानों को एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी, मंडी व्यवस्था फिर से शुरू।
- जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हर व्यक्ति को ₹25 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा।
- मनरेगा मजदूरी ₹255 से बढ़ाकर ₹300, काम के दिन 100 से बढ़ाकर 200।
- अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम और 200 छात्राओं को विदेश में छात्रवृत्ति।
- आरक्षण की सीमा 50% से बढ़ाने वाले कानून को संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश।
- पंचायत और नगर निकायों में आरक्षण बढ़ोतरी
- अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति, एसपी और थानेदारों के लिए निश्चित कार्यकाल।
- अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन और बोधगया मंदिरों का संचालन बौद्ध समुदाय को।





