प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और विशेष स्मृति डाक टिकट व ₹100 का सिक्का जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने संघ के 100 वर्षों के राष्ट्र निर्माण कार्यों की सराहना की और कहा कि यह संगठन भारत की हजारों वर्षों पुरानी राष्ट्र चेतना का पुनरुत्थान है।पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि संघ ने कभी कटुता नहीं दिखाई, चाहे उस पर प्रतिबंध लगे हों या साजिशें हुई हों। उन्होंने घुसपैठ, जनसंख्या असंतुलन और बाहरी आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार इनसे सख्ती से निपट रही है और संघ ने भी इसके लिए ठोस रोडमैप तैयार किया है।उन्होंने कहा कि विभाजन, युद्ध और आपदाओं के समय संघ के स्वयंसेवक सबसे आगे रहे। 1962 के युद्ध से लेकर 1984 के सिख दंगों तक, संघ ने समाज को संबल देने का काम किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि संघ की हर धारा “राष्ट्र प्रथम” के भाव से जुड़ी है और शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया है। उन्होंने स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और हेडगेवार जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट और ₹100 का सिक्का जारी किया। यह सिक्का और डाक टिकट संघ के 100 वर्षों के योगदान को समर्पित है।
प्रधानमंत्री के भाषण की 3 बड़ी बातें
- डेमोग्राफिक बदलाव सबसे बड़ा खतरा
पीएम मोदी ने कहा कि देश की एकता के सामने सबसे बड़ा खतरा अब घुसपैठ नहीं, बल्कि डेमोग्राफी में बदलाव और उससे उपजने वाली सामाजिक असमानता है। उन्होंने इसे आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौती बताया। - आर्थिक निर्भरता एक साजिश
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि कुछ शक्तियाँ भारत को आर्थिक रूप से दूसरे देशों पर निर्भर बनाने की साजिश कर रही हैं। इसका उद्देश्य भारत की एकता को तोड़ना है। - संघ का उद्देश्य – राष्ट्र प्रथम
मोदी ने कहा कि RSS की स्थापना कोई संयोग नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की राष्ट्र-चेतना का पुनर्जागरण है। संघ का हर स्वयंसेवक एक ही मंत्र पर काम करता है.राष्ट्र सर्वोपरि।
RSS शताब्दी के लिए जारी हुआ स्मारक सिक्का और डाक टिकट
- ₹100 के सिक्के पर एक ओर भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और दूसरी ओर भारत माता सिंह पर विराजमान, उन्हें प्रणाम करते स्वयंसेवकों की छवि है।
- डाक टिकट में 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेते RSS स्वयंसेवकों की झलक है।
- दोनों स्मारकों पर लिखा गया है: “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष (1925-2025)”
RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम
- संघ का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर 2025 से 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
- इस दौरान देशभर में 7 बड़े आयोजन होंगे।
- RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका और यूरोप में भी शताब्दी समारोहों में भाग ले सकते हैं।
PM का आह्वान: हमें डटकर मुकाबला करना है
प्रधानमंत्री ने कहा, घुसपैठ से बड़ी चुनौती डेमोग्राफिक बदलाव है। सरकार और संघ मिलकर इससे निपटने का ठोस रोडमैप बना चुके हैं। देश की एकता और अखंडता के लिए हर नागरिक को सतर्क रहना होगा।





