वृंदावन इस्कॉन मंदिर में करोड़ों रुपये का दान घोटाला, कर्मचारी फरार

वृंदावन इस्कॉन मंदिर में करोड़ों रुपये का दान घोटाला, कर्मचारी फरार

वृंदावन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इस्कॉन मंदिर में करोड़ों रुपये के दान के घपले का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के सदस्यता विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने करोड़ों रुपये की धनराशि हड़प ली और रसीद बुक लेकर फरार हो गया।

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मथुरा के वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर में करोड़ों रुपये के दान घोटाले का मामला सामने आया है। मंदिर के मेंबरशिप डिपार्टमेंट में तैनात एक भक्त पर आरोप है कि उसने श्रद्धालुओं द्वारा दान में दिए गए करोड़ों रुपये हड़प लिए और रसीद बुक लेकर फरार हो गया।

मंदिर प्रबंधन ने इस धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद वृंदावन कोतवाली में FIR दर्ज कराई है। आरोपी मुरलीधर दास, जो इंदौर के श्रीराम कॉलोनी रायगंज का निवासी है, को मंदिर में दान लेने और श्रद्धालुओं को रसीद देने के लिए 32 रसीद बुक दी गई थीं। इन रसीद बुक्स का इस्तेमाल करते हुए मुरलीधर ने श्रद्धालुओं से दान तो लिया, लेकिन वह करोड़ों रुपये और रसीद बुक लेकर फरार हो गया।

मंदिर के CFO, विश्वनाथ दास ने वृंदावन कोतवाली में शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि मुरलीधर दास ने जब फोन पर दान में मिले रुपये और रसीद बुक लौटाने की मांग की गई, तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP शैलेश पांडेय ने तत्काल पुलिस को FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे।

जब मंदिर प्रशासन ने मुरलीधर से संपर्क किया, तो उसने जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। इस पूरे मामले की जानकारी इस्कॉन मंदिर के प्रबंधक विश्वनाम दास ने एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय को दी थी। इसके बाद एसएसपी ने इस मामले की जांच रमणरेती चौकी प्रभारी शिवशरण सिंह को सौंप दी।

वृंदावन पुलिस ने मुरलीधर दास के खिलाफ धारा 316(5), 351(2) और 351(3) में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच रमणरेती चौकी प्रभारी शिव कुमार सिंह को सौंप दी गई है, और पुलिस की टीम अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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