दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जिसमें आनंद विहार का स्तर 412 रहा। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से सांस, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की संख्या अस्पतालों में 30% तक बढ़ गई है। डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने और बाहर कम निकलने की सलाह दी है।दिवाली के बाद पराली जलाने, धूल और ठंडी हवा के कारण हवा में प्रदूषक कण (PM 2.5 और PM 10) बढ़ गए हैं, जिससे दिल्ली-NCR में स्मॉग की चादर छाई हुई है।वहीं, दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर एरिया के चलते अगले 48 घंटों में साइक्लोन ‘मोंथा’ के आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा पार कर गया है। शनिवार को कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना और पंजाबी बाग जैसे क्षेत्रों में AQI 430 से 450 तक पहुंच गया।
दिवाली के बाद से हवा में धूल, धुआं और पराली जलाने से प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। ठंडी और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक कण नीचे जम गए हैं, जिससे स्मॉग की मोटी परत छा गई है। राजधानी में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि पार्टिकुलेट मैटर का स्तर कम किया जा सके।
AIIMS और सफदरजंग जैसे अस्पतालों में अस्थमा, एलर्जी और सांस की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या 30 से 40% बढ़ गई है। डॉक्टरों ने लोगों को घर से बाहर कम निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है।
इस बीच दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर एरिया के कारण साइक्लोन ‘मोंथा’ के अगले 48 घंटों में बनने की संभावना है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।





