Ganesh Chaturthi 2025: कल मनाई जा रही है गणेश चतुर्थी, गणपति स्थापना के लिए रहेंगे दो मुहूर्त, यहां जानें स्थापना और पूजन विधि

Ganesh Chaturthi 2025: कल मनाई जा रही है गणेश चतुर्थी, यहां जानें स्थापना और पूजन विधि

भक्ति और श्रद्धा से भरा दस दिवसीय गणेशोत्सव कल यानी 27 अगस्त 2025 से पूरे देश में धूमधाम से शुरू होने जा रहा है। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से आरंभ होता है और अनंत चतुर्दशी तक चलता है। इस वर्ष यह उत्सव 6 सितंबर 2025 को गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होगा।

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गणेश चतुर्थी पर बन रहा शुभ संयोग

इस बार गणेश चतुर्थी के दिन चित्रा नक्षत्र, बुधवार और भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का शुभ योग बन रहा है। गणेश पुराण के अनुसार, इसी मुहूर्त में माता पार्वती ने गणपति की मूर्ति बनाई थी, जिसमें भगवान शिव ने प्राण प्रतिष्ठित किए थे।

गणेश स्थापना के शुभ मुहूर्त

इस वर्ष गणेश स्थापना के दो प्रमुख शुभ मुहूर्त होंगे:

  • प्रथम मुहूर्त: सुबह 11:01 AM से 1:40 PM तक
  • द्वितीय मुहूर्त: दोपहर 1:39 PM से शाम 6:05 PM तक

पूजा का मुख्य मुहूर्त 11:05 AM से 1:40 PM तक रहेगा, जिसकी अवधि लगभग 2 घंटे 34 मिनट की होगी।

गणेश चतुर्थी की पूजा विधि

गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को सजाएं।

  • एक कलश में जल भरें और उस पर वस्त्र रखकर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
  • गणेश जी को सिंदूर, दूर्वा, घी और 21 मोदक का भोग अर्पित करें।
  • पूजा के बाद लड्डू और प्रसाद गरीबों और ब्राह्मणों में दान करें।

आप गणपति की मूर्ति को 1.5 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 10 दिन तक घर में स्थापित कर सकते हैं।

गणपति का सिद्धि विनायक रूप और उसका महत्व

इस दिन भगवान गणेश की पूजा विशेष रूप से उनके सिद्धि विनायक रूप में की जाती है। इस रूप की पूजा भगवान विष्णु ने की थी और यही नाम उन्हें प्रदान किया था।

  • सिद्धि विनायक की मूर्ति लाल रंग की होती है और गणेश जी बैठे हुए मुद्रा में होते हैं।
  • उनके चार हाथों में आशीर्वाद मुद्रा, मोदक, अंकुश और पाश होते हैं।
  • इस रूप की पूजा से सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है।

सबसे ज्यादा कहां मनाई जाती है गणेश चतुर्थी?

गणेश चतुर्थी विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भव्य रूप से मनाई जाती है। इन राज्यों में विशाल गणपति पंडाल सजते हैं और भक्तगण बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

आस्था का पर्व

गणेश चतुर्थी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और शुभ शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार हर वर्ग और हर आयु के लोगों को एक साथ जोड़ता है.हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी तिथि 26 अगस्त दोपहर 1:54 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी। इसी अवधि में गणेश स्थापना करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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