वृंदावन स्थित ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को गोस्वामी समाज की सैकड़ों महिलाएं वृंदावन से पैदल यात्रा कर गोवर्धन पहुंचीं, जहां उन्होंने गिरिराज महाराज की शरण में जाकर मंदिर की परंपरा और गरिमा की रक्षा के लिए प्रार्थना की।
भावुक महिलाओं ने “गिरिराज महाराज हमारी रक्षा करो” के नारे लगाए और कहा कि यह परियोजना मंदिर की सदियों पुरानी सेवा-पद्धति और सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरा बन सकती है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि उनकी पीढ़ियों की आस्था, सेवा और परंपरा से जुड़ा केंद्र है।
मंदिर हमारे पूर्वजों की विरासत है
मीडिया से बातचीत में महिला श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से प्रस्तावित यह कॉरिडोर परियोजना मंदिर की पारंपरिक व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप का प्रयास है। उनका कहना है कि मंदिर की मूल संरचना और सेवायत व्यवस्था से छेड़छाड़ धार्मिक आस्थाओं को आहत करेगी।
समाधान की अपील
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि परियोजना पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी संबंधित पक्षों मंदिर सेवायत, स्थानीय समाज, श्रद्धालु और विशेषज्ञों से व्यापक संवाद कर ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे मंदिर की परंपरा, सेवा-पद्धति और श्रद्धा प्रभावित न हों।
आंदोलन की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन में गोस्वामी समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक परियोजना को रद्द नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। उनका तर्क है कि कॉरिडोर निर्माण से मंदिर क्षेत्र का मूल स्वरूप और पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।