केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार (20 अगस्त) को लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए। इनमें एक संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, 2025 और तीसरा- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल है। संसद सत्र के खत्म होने से महज दो दिन पहले लाए गए इन विधेयकों को लेकर लोकसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस विधेयक पर सवाल उठाने के साथ बिल की प्रतियां फाड़कर भी फेंकी। और तीनों बिलों को वापस लेने की मांग की। हालांकि, विपक्ष के विरोध के बीच सदन में इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसी के साथ लोकसभा ने बिना चर्चा के ऑनलाइन गेमिंग विधेयक भी पारित कर दिया। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 21 दिसंबर, सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब अमित शाह को गिरफ्तार किया गया था तो क्या उन्होंने अपनी नैतिकता दिखाई थी?इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझ पर जब आरोप लगे थे तो मैंने गिरफ्तारी से पहले नैतिक रूप से इस्तीफा दिया था। कोर्ट से निर्दोष साबित न होने तक मैंने कोई सांविधानिक पद नहीं लिया था
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 20 अगस्त को लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025, केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक 2025, और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025। इन विधेयकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री अगर गंभीर अपराध में आरोपी होकर 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहते हैं, तो वे अपने पद के लिए अयोग्य हो जाएंगे।
130वें संविधान संशोधन के तहत अनुच्छेद 75 और 164 में संशोधन होगा। इसमें कहा गया है कि अगर कोई केंद्रीय मंत्री या प्रधानमंत्री किसी अपराध में, जिसमें 5 साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है, 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन राष्ट्रपति उन्हें पद से हटा सकते हैं। अगर प्रधानमंत्री खुद आरोपी हैं, तो उन्हें स्वतः इस्तीफा देना होगा, अन्यथा वे अगले दिन पद के लिए अयोग्य माने जाएंगे। यही नियम राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होंगे।
दूसरे विधेयक के जरिए यह प्रावधान केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली और पुदुचेरी के मुख्यमंत्रियों व मंत्रियों पर लागू किया जाएगा। तीसरे विधेयक में जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर इन्हीं नियमों को लागू करने की बात है।
विधेयकों के पेश होने के दौरान लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़कर गृह मंत्री पर फेंकीं और कागज के गोले भी बनाए। इसके बाद सरकार ने इन विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी मिल गई।
साथ ही, बिना चर्चा के ऑनलाइन गेमिंग विधेयक भी पारित कर दिया गया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को 21 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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