महाकुंभ के समापन पर सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंचे. यहां उन्होंने श्रमदान करते हुए झाड़ू लगाकर अरैल घाट पर साफ-सफाई की. फिर संगम घाट पर जाकर पूजा-अर्चना की. इस दौरान उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम मौजूद रहे. सीएम ने महाकुंभ के सफल आयोजन में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों और अन्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया।
महाकुंभ के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने श्रमदान करते हुए अरैल घाट पर झाड़ू लगाई और गंगा के कूड़ा-कचरे को निकाला।
इसके बाद, उन्होंने संगम घाट पर पूजा-अर्चना की, इस दौरान उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम भी मौजूद रहे। सीएम ने महाकुंभ के सफल आयोजन में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों और अन्य सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया।
ल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “…मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करना चाहता हूं जिनके नेतृत्व में इतना भव्य आयोजन हुआ… सबके सहयोग से रेलवे ने घनिष्ठ समन्वय के साथ काम किया… 16000 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं। करीब 4 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं को हम संगम में महाकुंभ के दर्शन के लिए ला पाए… रेलवे के सभी विभागों का समन्वय बहुत अच्छा रहा… इस पूरे 45 दिनों के महायोजन में रखरखाव की कोई समस्या नहीं आने दी गई और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विशेष ध्यान रखा गया कि सब जगह श्रद्धालुओं को भीड़ की तरह ना समझकर उनकी श्रद्धा को समझा जाए… विभिन्न सरकारों और रेलवे का जो आपसी समन्वय रहा उससे भी बहुत लाभ मिला… हम सभी व्यवस्थाओं का विश्लेषण करेंगे और रेलवे के जो संचालन मैनुअल हैं उसमें स्थायी परिवर्तन लाने की भी व्यवस्था की जाएगी.
महाकुंभ संपन्न हुआ…एकता का महायज्ञ संपन्न हुआ। प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में पूरे 45 दिनों तक जिस प्रकार 140 करोड़ देशवासियों की आस्था एक साथ, एक समय में इस एक पर्व से आकर जुड़ी, वो अभिभूत करता है! महाकुंभ के पूर्ण होने पर जो विचार मन में आए, उन्हें मैंने कलमबद्ध करने का प्रयास किया है.
महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का अंतिम स्नान हुआ, जिसमें 1.53 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई, और पूरे महाकुंभ के दौरान कुल 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो अमेरिका की आबादी से दोगुना है।