भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र के गहनोली मोड़ थाना अंतर्गत गांव दौलतगढ़ के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। चंबल पाइपलाइन परियोजना के तहत खोदे गए लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी लेने पहुंचे ग्रामीणों पर अचानक मिट्टी की दीवार (ढाय) गिर गई।सूत्रों के हवाले से खबर मिली है की हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को आरबीएम अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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घटना सुबह उस वक्त हुई जब आसपास के गांवों के लोग मिट्टी एकत्र करने गड्ढे में उतरे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी ढह गई और दर्जनभर लोग उसमें दब गए। सीओ उच्चैन अनिल डोरिया ने बताया कि यह गड्ढा चंबल पाइपलाइन के लिए खोदा गया था, लेकिन बारिश के कारण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था। चेतावनी या सुरक्षा के कोई उपाय मौके पर नहीं किए गए थे।
पुलिस व एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया, और दबे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा गया। मृतकों के शव भरतपुर आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मृतकों की पहचान फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) के उत्तू गांव निवासी विमला (45), अनुकूल (24), विनोद (55) और योगेश (25) के रूप में हुई है। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं।
ग्रामीणों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो गड्ढे के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड था और न ही किसी ने मिट्टी लेने वालों को प्रभावी रूप से रोका। पूर्व में भी प्रशासन को खतरे के बारे में जानकारी दी गई थी।
भरतपुर कलेक्टर कमर चौधरी और एसपी मृदुल कच्छावा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली और मामले की जांच के आदेश दिए।
इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।





