मथुरा में भाई दूज के मौके पर यमुना में यम द्वितीया का पवित्र स्नान हुआ। तड़के से ही विश्राम घाट पर हजारों भाई-बहनों की भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि इस दिन यमुना स्नान करने से यम की फांस यानी अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। बहनों ने भाइयों के साथ स्नान कर उनकी लंबी उम्र की कामना की, फिर यमराज-यमुना मंदिर में वैदिक विधि से दीप जलाकर पूजा अर्चना की। इस बार मथुरा में करीब 1.25 लाख श्रद्धालु यमुना स्नान के लिए पहुंचे। दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक तिलक का शुभ मुहूर्त रहा। आयुष्मान और शिववास योग के संयोग में यम देव की पूजा करने से आरोग्यता और दीर्घायु का वरदान मिलने की मान्यता है।भाई दूज पर बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर यह प्रार्थना की कि उनके भाई चिरंजीवी हों. जैसे मार्कण्डेय, हनुमान, परशुराम और व्यास हैं। पूरे यूपी में यह पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
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आज पूरे देश में भाई दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना स्नान का विशेष महत्व है। यहां सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी.1.25 लाख से अधिक श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाने पहुंचे।
भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यम फांस यानी अकाल मृत्यु से मुक्ति की कामना करते हुए यमुना में स्नान किया। इसके बाद बहनों ने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। घाट की सीढ़ियों पर बने यमराज-यमुना मंदिर में वैदिक विधि से दीप जलाकर पूजा अर्चना की गई।
दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाने वाला यह पर्व यम द्वितीया कहलाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाने और भोजन करने वाला भाई अकाल मृत्यु से मुक्त रहता है।
आज दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक तिलक का शुभ मुहूर्त रहा। इस बार आयुष्मान और शिववास योग का संयोग बना है, जिसे बेहद शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में यम देव की पूजा करने से भाई को आरोग्यता और दीर्घायु का वरदान मिलता है।
श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी.हर कोई भाई दूज के इस पावन पर्व में यमुना स्नान का पुण्य अर्जित करने पहुंचा।





