बिहार में मतदाता सूची के खिलाफ विपक्ष का मार्च: हिरासत में लिए गए सांसदों को 2 घंटे बाद छोड़ा, प्रोटेस्ट में बेहोश हुईं दो महिला सांसद

बिहार में मतदाता सूची के खिलाफ विपक्ष का मार्च: हिरासत में लिए गए सांसदों को 2 घंटे बाद छोड़ा, प्रोटेस्ट में बेहोश हुईं दो महिला सांसद

बिहार में मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला। पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देकर मार्च को परिवहन भवन के पास रोक दिया। मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए और बीच सकड़ पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी नारेबाजी करती नजर आईं। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब सांसदों ने सड़क से हटने से इनकार किया तो राहुल-प्रियंका गांधी समेत तमाम नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।  प्रदर्शन के दौरान TMC सांसद मिताली बाग बेहोश हो गईं। सांसदों ने ‘वोट चोरी’ और ‘एसआईआर’ प्रक्रिया के विरोध में नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। प्रदर्शन की शुरुआत संसद के मकर द्वार से राष्ट्रगान गाकर हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दो बसों में बैठाकर संसद मार्ग थाने ले गई। जहां से 2 घंटे बाद रिहा कर दिया गया.

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वोटर वेरिफिकेशन और चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सोमवार को विपक्ष के करीब 300 सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया। मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए मार्च को बीच में ही रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को संसद मार्ग थाने ले जाकर करीब दो घंटे बाद रिहा कर दिया गया।

राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा, ये लड़ाई संविधान और एक व्यक्ति-एक वोट के अधिकार की है। हमें पारदर्शी और भरोसेमंद वोटर लिस्ट चाहिए। प्रियंका गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार डरी हुई है और लोकतंत्र से भाग रही है।

मार्च के दौरान अखिलेश यादव बैरिकेड फांदकर आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए। जब पुलिस ने उन्हें रोका, तो वे सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रियंका गांधी और डिंपल यादव समेत कई सांसद ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाते दिखे।

प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सांसद मिताली बाग और महुआ मोइत्रा की तबीयत बिगड़ गई। मिताली बाग बेहोश हो गईं, जिनकी मदद राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने की। मार्च की शुरुआत संसद के मकर द्वार से राष्ट्रगान के साथ हुई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें परिवहन भवन के पास रोक दिया।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, यह डेटा हमारा नहीं, चुनाव आयोग का है। ये सिर्फ कर्नाटक में नहीं, पूरे देश में हो रहा है। आयोग डेटा छिपा रहा है क्योंकि उसे डर है कि सच सामने आ जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार की लड़ाई बताया। अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग पर निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं, बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने पलटवार करते हुए कहा, “कांग्रेस उन लोगों को भी वोट देना चाहती है जो मर चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार इसे और बर्दाश्त नहीं करेगी।

राहुल गांधी ने इससे पहले 7 अगस्त को वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग को एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव आयोग ने चुनावी धांधली की। इस पर कर्नाटक चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से लिखित शिकायत मांगी है ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके।

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