अयोध्या में आज एक ऐतिहासिक क्षण होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा धर्म ध्वज फहराएंगे।अहमदाबाद में बने 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े इस विशेष ध्वज का वजन 2–3 किलो है। यह 161 फीट ऊंचे शिखर और 42 फीट ऊंचे ध्वजदंड के अनुरूप तैयार किया गया है। ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में 11:58 बजे से 1 बजे के बीच किया जाएगा।प्रधानमंत्री सुबह अयोध्या पहुंचकर सप्तऋषि मंदिरों, माता अन्नपूर्णा मंदिर और गर्भगृह में दर्शन करेंगे। इसके बाद मुख्य ध्वजारोहण और संक्षिप्त संबोधन होगा।पूरी अयोध्या भव्य रूप से सजी है। सातों मंदिरों मुख्य शिखर और परकोटा के छह मंदिरों में आज ध्वज फहराए जाएंगे। ध्वज पर ॐ, सूर्यदेव और कोविदार वृक्ष के चिन्ह हैं।सुरक्षा के लिए SPG, NSG, CRPF और यूपी पुलिस की तैनाती की गई है। शहर में 15,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं।अयोध्या को 100 टन फूलों और लाखों LED लाइटों से सजाया गया है। मंगलवार को आम दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा।आज दोपहर जब भगवा ध्वज शिखर पर लहराएगा, अयोध्या का यह दृश्य दुनिया भर में प्रसारित होगा।
अयोध्या में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा धर्म ध्वज फहराएंगे। मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के संदेश के रूप में इसे ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
विशेष रूप से गुजरात के अहमदाबाद में बने 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े इस ध्वज का वजन करीब दो से तीन किलो है। यह ध्वज 161 फीट ऊंचे शिखर और 42 फीट ऊंचे ध्वज-स्तंभ के अनुरूप तैयार किया गया है। ध्वजारोहण आज अभिजीत मुहूर्त में 11:58 बजे से 1 बजे के बीच संपन्न होगा।
पीएम मोदी का कार्यक्रम
सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। तीन हेलीकॉप्टरों का काफिला 12 किलोमीटर दूर साकेत महाविद्यालय के हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से पीएम मोदी विशेष वीआईपी प्रवेश द्वार से राम मंदिर पहुंचेंगे।ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री सप्त ऋषि मंदिरों महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर भी जाएंगे।
ध्वज की विशेषताएँ
कुंभ लग्न के अभिजीत मुहूर्त में फहराए जाने वाले इस ध्वज पर ‘ॐ’, सूर्यदेव और कोविदार वृक्ष के चिह्न अंकित हैं। इसे जमीन से 191 फीट की ऊंचाई तक ले जाया जाएगा। भारी रस्सियों को मशीन से जोड़ा गया है और आवश्यकता पड़ने पर बटन से भी ध्वजोत्तोलन संभव है। सेना के विशेषज्ञ भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
पूरे परिसर में उत्सव का माहौल
सोमवार शाम से ही अयोध्या दीपोत्सव जैसा जगमगा उठा है। मंदिर परिसर के सातों शिखर, पार्कोटा, राम दरबार और गर्भगृह को लाखों एलईडी लाइटों से सजाया गया है। राम की पैड़ी पर दीपों की रोशनी अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही है। शहर में भगवा ध्वजों की कतारें लहरा रही हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
पूरी अयोध्या को अभेद्य किले में बदल दिया गया है। SPG, NSG, CRPF, IB और यूपी पुलिस के जवान मुस्तैद हैं। 15 हजार CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि कार्यक्रम स्थल को यलो जोन घोषित कर वहां 450 कैमरे लगाए गए हैं। कुल 7000 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।
सात मंदिरों में भी ध्वजारोहण
मुख्य शिखर के अलावा परकोटा में बने छह मंदिर शिव, गणेश, सूर्यदेव, हनुमान, मां भगवती और माता अन्नपूर्णा में भी आज ध्वज फहराए जाएंगे। इसमें समारोह में मौजूद अतिथि भाग लेंगे।
अयोध्या में भव्य सजावट
शहर को दुल्हन की तरह सजाने के लिए 100 टन से अधिक फूलों का प्रयोग किया जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से रामनगरी में उल्लास चरम पर है। मंगलवार को सामान्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दर्शन बंद रहेंगे।आज दोपहर जब भगवा ध्वज शिखर पर लहराएगा, अयोध्या का यह आलोकिक दृश्य पूरी दुनिया देखेगी।





