धीरेंद्र शास्त्री की बात सुन जोर से हंस पड़े प्रेमानंद महाराज जी, बोले- सनातन बिना सत्ता नहीं

धीरेंद्र शास्त्री की बात सुन जोर से हंस पड़े प्रेमानंद महाराज जी

प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वृंदावन के श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने महाराज से मुलाकात की, हालचाल जाना और उन्हें ‘सनातन एकता पदयात्रा’ में आमंत्रित किया। दोनों के बीच लगभग 40 मिनट तक गूढ़ आध्यात्मिक चर्चा हुई। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि शरीर बीमार है, लेकिन हृदय से संवाद संभव है। इस पर धीरेंद्र शास्त्री बोले, यह तो आपकी लीला है। चर्चा के दौरान प्रेमानंद महाराज ने सनातन को ब्रह्म, वायु, सूर्य, आकाश और भूमि बताया और कहा कि एक दिन सबको सनातन से जुड़ना ही होगा क्योंकि बिना सनातन के किसी की सत्ता नहीं।

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प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सोमवार को वृंदावन के श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने प्रेमानंद जी से मुलाकात कर हालचाल जाना और उन्हें ‘सनातन एकता पदयात्रा’ में आमंत्रित किया।

करीब 40 मिनट तक चली इस आत्मीय वार्ता में दोनों संतों ने सनातन धर्म की महिमा और समाज में उसकी आवश्यकता पर गहराई से चर्चा की। प्रेमानंद जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सनातन ही वायु है, सूर्य है, भूमि है.बिना सनातन के किसी की सत्ता नहीं। वहीं, जब उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर कहा कि शरीर बीमार है, पर हृदय से बात कर सकता हूं, तो धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह तो आपकी लीला है, महापुरुष ऐसे ही होते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि वे पहले मायाजाल में फंसे थे, लेकिन भगवान के नाम और गुणों ने उन्हें मुक्त किया। प्रेमानंद जी ने उन्हें भगवान का पार्षद बताते हुए कहा कि वे जहां भी जाएं, भगवद नाम का प्रचार करें ताकि जीवों को माया से मुक्ति मिले।

बातचीत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि वे मंगलवार तक वृंदावन में रुकेंगे और दिल्ली से वृंदावन तक प्रस्तावित सनातन एकता पदयात्रा की तैयारी को लेकर बैठक करेंगे। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा, “सनातन स्वयंभू है, जैसे वेद स्वयंभू है। हर किसी को एक दिन इससे जुड़ना होगा।

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