यूपी में भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों का समय बदल दिया गया है। 29 दिसंबर से सभी माध्यमिक स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे। पहले स्कूल साढ़े 9 से साढ़े 3 बजे तक चलते थे। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने जारी किया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा।वहीं ठंड के कारण रायबरेली, गोंडा, अयोध्या और वाराणसी में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल 29 और 30 दिसंबर को बंद रहेंगे। हालांकि शिक्षक और कर्मचारी स्कूल आएंगे।मौसम विभाग ने प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर समेत 12 जिलों में शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया है। 29 दिसंबर से प्रदेश के सभी माध्यमिक स्कूल अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे। पहले स्कूलों का समय सुबह साढ़े 9 बजे से साढ़े 3 बजे तक था। इस आदेश को माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया है, जो अगले आदेश तक लागू रहेगा। सभी डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि नए समय का सख्ती से पालन कराया जाए।

वहीं भीषण ठंड के चलते रायबरेली, गोंडा, अयोध्या और वाराणसी में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल 29 और 30 दिसंबर को बंद रहेंगे। हालांकि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को स्कूल आना होगा।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 12 जिलों में शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। रविवार को आगरा, प्रयागराज, कानपुर और सहारनपुर में दृश्यता शून्य रही, जबकि कई जिलों में दृश्यता 10 से 20 मीटर तक सिमट गई।
मेरठ और इटावा में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की कोई संभावना नहीं है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड और बढ़ रही है।
गोंडा और रायबरेली में जिलाधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है, बाजारों में रौनक कम है और मजदूरों को भी काम मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।





