प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में रेलवे की 24,634 करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। इसके तहत कई मौजूदा नेटवर्क को चार से छह लेन का बनाया जाएगा। ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में फैली हैं और लगभग 894 किलोमीटर नए रेल ट्रैक के निर्माण का प्रावधान करती हैं। इनमें वर्धा-भुसावल, गोंदिया-डोंगरगढ़,वडोदरा-रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन शामिल हैं।इन परियोजनाओं के माध्यम से तीसरी और चौथी लाइनों का निर्माण किया जाएगा जिससे रेलवे की क्षमता, कनेक्टिविटी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा। ये रूट देश के 7 सबसे व्यस्त रेलमार्गों में शामिल हैं, जिनसे 41% कार्गो और यात्री ट्रैफिक गुजरता है। 2030-31 तक परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे 85 लाख से अधिक आबादी वाले 3,600 से ज्यादा गांवों को भी फायदा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे से जुड़ी 24,634 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत देश के सात सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइनें बिछाई जाएंगी, जिससे कनेक्टिविटी और लाइन क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी।
इनमें महाराष्ट्र के वर्धा-भुसावल, गोंदिया-डोंगरगढ़, गुजरात-मध्यप्रदेश के वडोदरा-रतलाम और मध्यप्रदेश के इटारसी-भोपाल-बीना खंड शामिल हैं। कुल मिलाकर 894 किलोमीटर लंबी लाइनें बिछाई जाएंगी, जो 18 जिलों के करीब 86 लाख लोगों को बेहतर रेल सेवा से जोड़ेंगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि यह प्रोजेक्ट्स 2030-31 तक पूरे करने का लक्ष्य है। इनसे यात्री और माल ढुलाई दोनों में रफ्तार बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी और रेलवे की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।यह फैसला रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।





