उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पदभार संभालने के बाद सोमवार को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में जल्द 20,000 नई भर्तियां की जाएंगी, जिनकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए शासन से अनुमति मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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टेक्नोलॉजी पर जोर
डीजीपी ने बताया कि हाल ही में भर्ती हुए 60,244 सिपाहियों की ट्रेनिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि वे आधुनिक अपराध और नई चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपट सकें। साथ ही, सभी पुलिसकर्मियों को सेवाकालीन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।यह भी पढ़ें:
महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता
राजीव कृष्ण ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिला अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ उनके स्थायी समाधान पर भी फोकस किया जाएगा।
साइबर क्राइम और आतंकवाद से निपटने की रणनीति
उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है, जिसे काबू करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को और अधिक सशक्त किया जाएगा ताकि आतंकी और जासूसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
राज्य में विजिलेंस विभाग के प्रमुख के रूप में भी कार्य कर रहे डीजीपी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। काबिल अफसर तैनात हैं और अब सिस्टम मजबूत हो चुका है, उन्होंने कहा।
शहरी ट्रैफिक और जनसुनवाई पर फोकस
शहरों में ई-रिक्शा और बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या पर उन्होंने समाधान की बात कही। वहीं, जनशिकायत निस्तारण प्रणाली IGRS को देश की सबसे प्रभावी प्रणाली बताते हुए इसके बेहतर क्रियान्वयन को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।
राजीव कृष्ण ने दो टूक कहा, प्रदेश में कानून का राज हर कीमत पर कायम रहेगा। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराध को रोकना है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल देना भी है।





