कटरा बाजार रेलवे फाटक को पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा गुरुवार सुबह अचानक बंद किए जाने पर राया कस्बे में हड़कंप मच गया। रेलवे ने गड्ढे खुदवाकर लोहे की रेलिंग लगाकर फाटक बंद कर दिया, जिससे व्यापारियों में आक्रोश फैल गया।स्थानीय विधायक पूरन प्रकाश मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों से तीखी नोकझोंक के बाद रेलिंग उखड़वा दी। लगभग 5 घंटे तक लोग धरने पर बैठे रहे। विरोध बढ़ता देख डीएम के निर्देश पर एसडीएम महावन मौके पर पहुंचे।विधायक, प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की बातचीत के बाद फिलहाल फाटक बंद करने की कार्रवाई रोक दी गई है। व्यापारियों ने विधायक और एसडीएम का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।व्यापारियों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के फाटक बंद होने से उनका व्यापार और आमजन की आवाजाही प्रभावित होगी। वहीं, रेलवे का कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मथुरा के राया कस्बे के कटरा बाजार रेलवे फाटक को बृहस्पतिवार सुबह रेलिंग लगाकर बंद किए जाने पर स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश फैल गया। रेलवे की कार्रवाई का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
रेलवे इंजीनियरों और सुरक्षा बल की मौजूदगी में फाटक के पास गड्ढे खोदकर लोहे की रेलिंग लगाई जा रही थी, तभी सूचना पाकर भाजपा विधायक पूरन प्रकाश मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से तीखी बहस के बाद कार्य रुकवाया और लगाई गई रेलिंग को भी हटवा दिया।
करीब पांच घंटे तक व्यापारी और स्थानीय नागरिक धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि फाटक बंद होने से राया की आधी आबादी प्रभावित होगी। ना तो शवयात्रा निकाली जा सकेगी और ना ही बाजारों में सुगम आवाजाही हो पाएगी। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे ने बिना वैकल्पिक रास्ता तय किए यह कार्रवाई शुरू कर दी।
स्थिति बिगड़ती देख जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने एसडीएम महावन कंचन गुप्ता को मौके पर भेजा। विधायक, एसडीएम और रेलवे अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल फाटक बंद करने की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इस निर्णय के बाद व्यापारियों ने विधायक और एसडीएम का फूलमालाओं से स्वागत किया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मथुरा-कासगंज रेल रूट के विस्तार के तहत छोटे रास्तों की सुरक्षा के मद्देनज़र क्रॉसिंग को बंद किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते फिलहाल यह कार्य टाल दिया गया है।
इस मौके पर पूर्व चेयरमैन, समाजसेवियों और अन्य स्थानीय नेताओं की भी उपस्थिति रही। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।





