वृंदावन के लोकप्रिय संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में अपने सत्संग में बच्चों की शादी को लेकर एक बयान दिया, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स का सामना करना पड़ा। अब उन्होंने ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए अपने सत्संग में कहा, बुरे आचरण करने वालों को उपदेश अच्छे नहीं लगते। नाली का कीड़ा नाली में ही अच्छा लगता है, उसे अमृत कुंड में डालोगे तो अच्छा नहीं लगेगा। संत ने कहा कि आजकल सही रास्ता चुनना बहुत कठिन हो गया है क्योंकि लोगों के संस्कार और चरित्र खराब हो रहे हैं।
महाराज ने एक महिला के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बच्चों की शादी मन से करें या परिवार की मर्जी से, दोनों ही स्थिति में परिणाम अच्छे नहीं आते क्योंकि आज बहु और पति दोनों ही पवित्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, 100 में से सिर्फ 2 से 4 ही लड़कियां-पुत्र पवित्र जीवन जीते हैं।
संत प्रेमानंद महाराज ने युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाना बंद करें, नशा त्यागें और माता-पिता की आज्ञा मानें। उन्होंने कहा, अगर संत आपकी बातों से बुरा मानते हैं तो समझाइश नहीं देंगे, क्योंकि आपको बुरा लगेगा।
संत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शास्त्रों से दूर हो गई है और माया के प्रभाव में आकर गलत रास्ते पर जा रही है। उन्होंने गंदे विचारों और व्यवहार को डिप्रेशन का कारण बताया।
धमकी का मामला
31 जुलाई को मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी भी मिली थी।
विवाद की वजह
महाराज ने कहा कि आजकल लड़कों और लड़कियों के व्यवहार में बदलाव आ गया है। उन्होंने बताया कि कई बार लोग एक से अधिक संबंध बनाकर विवाह और जीवन साथी को लेकर गंभीर नहीं रहते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी को होटल का खाना खाने की आदत पड़ जाए तो घर का खाना अच्छा नहीं लगता। उसी तरह, कई पुरुषों से मिलने की आदत के कारण एक पति को स्वीकारना मुश्किल हो जाता है।
संत ने कहा कि आज के समय में सही बहु या पति मिलना मुश्किल है क्योंकि ज्यादातर लोग व्यभिचार में लिप्त हैं। उन्होंने कहा, भारत एक धर्म प्रधान देश है, जहां पवित्रता के लिए पूर्वजों ने अपने प्राणों की आहुति दी। आज लिव इन रिलेशनशिप जैसी व्यवस्थाएं इस पवित्रता को खत्म कर रही हैं।