अयोध्या में जैसे-जैसे सर्दी ने दस्तक दी है, श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में बालक रामलला की दिनचर्या और भोग में बदलाव किया गया है। अब रामलला को गुनगुने जल से स्नान कराया जा रहा है ताकि ठंड न लगे। भोग में भी मौसमी परिवर्तन किए गए हैं, जिसमें रबड़ी, पेड़ा, मेवे और गर्म दूध शामिल हैं। खीर, माखन-मिश्री और पंचामृत से सजे भोग से मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो गया है।मंदिर के पुजारियों के अनुसार, रामलला की सेवा हमेशा बालक की तरह की जाती है, इसलिए मौसम के अनुसार उनके राग-भोग में बदलाव अनिवार्य है।इधर, राम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब पूरा राम परिवार मंदिर की पहली मंजिल पर विराजमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे, और उसी दिन विशेष आरती का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में 6 से 8 हजार श्रद्धालु और संत-महात्मा शामिल होंगे।
अयोध्या में सर्दियों के आगमन के साथ ही श्रीरामजन्मभूमि परिसर में बालक रामलला की दिनचर्या और राग-भोग में बदलाव किया गया है। सुबह की ठंड और शाम की नमी को ध्यान में रखते हुए अब रामलला को गुनगुने पानी से स्नान कराया जा रहा है। भोग में भी मौसमी परिवर्तन किए गए हैं, जिसमें बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश और अन्य पौष्टिक सामग्री शामिल की गई है।
रामलला पांच साल के बालक के रूप में मंदिर में विराजमान हैं, इसलिए उनकी सेवा बालक के रूप में की जाती है। मौसम के अनुसार राग-भोग में बदलाव किया जाता है। अब भोग की थाली में तुलसी-दल से सुसज्जित खीर, माखन-मिश्री, मेवे का पंचामृत, रबड़ी, पेड़ा, पूड़ी और हलुआ परोसा जा रहा है। साथ ही पिस्ता मिलाकर गर्म दूध भी दिया जा रहा है।
राम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब धार्मिक आयोजन और औपचारिक कार्यक्रमों की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार अब पूरा राम परिवार मंदिर की पहली मंजिल पर विराजमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे, उसी दिन राम परिवार की विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 6,000 से 8,000 आमंत्रित श्रद्धालु, संत और धार्मिक नेता शामिल होंगे। अयोध्या इस ऐतिहासिक पल के लिए पूरी तरह तैयार है।





