वृंदावन में डॉ. अभिषेक वर्मा की स्वामी रामभद्राचार्य से आत्मीय मुलाकात, ‘मगध’ उपन्यास और गणेश प्रतिमा की भेंट

वृंदावन में डॉ. अभिषेक वर्मा की स्वामी रामभद्राचार्य से आत्मीय मुलाकात

वृंदावन (मथुरा): शिवसेना (एनडीए) के राष्ट्रीय समन्वयक व चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा ने जगद्गुरु तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने अपने पिता, प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीकांत वर्मा द्वारा रचित उपन्यास ‘मगध’ और भगवान गणेश की एक प्रतिमा भेंट की।स्वामी रामभद्राचार्य जी ने श्रीकांत वर्मा को भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर बताते हुए डॉ. वर्मा को सनातन धर्म का सच्चा योद्धा कहा। उन्होंने कहा कि डॉ. वर्मा को पूर्व में राजनीतिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, लेकिन धर्म की सेवा करने वालों का मार्ग भगवान स्वयं प्रशस्त करते हैं।डॉ. वर्मा ने स्वामी जी को पितातुल्य बताते हुए जीवनपर्यंत उनके मार्गदर्शन में सनातन धर्म की सेवा का संकल्प दोहराया। भेंट का यह पल आत्मीयता और भक्ति भाव से अभिभूत रहा।

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शिवसेना (एनडीए गठबंधन) के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा ने वृंदावन प्रवास के दौरान जगद्गुरु तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य महाराज से स्नेहिल भेंट की। इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने अपने दिवंगत पिता और सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्रीकांत वर्मा द्वारा रचित प्रसिद्ध उपन्यास ‘मगध’ स्मृति स्वरूप भेंट किया, साथ ही भगवान गणेश की एक कलात्मक प्रतिमा भी समर्पित की।

स्वामी रामभद्राचार्य जी ने इस मौके पर श्रीकांत वर्मा को याद करते हुए कहा कि वे न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे, बल्कि उनकी कविताओं व साहित्यिक रचनाओं के भी गहरे प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने श्रीकांत वर्मा को भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर बताया।डॉ. वर्मा को आशीर्वाद देते हुए स्वामी जी ने उन्हें सनातन धर्म का सच्चा योद्धा करार दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में डॉ. वर्मा को राजनीतिक कारणों से प्रताड़ना झेलनी पड़ी, लेकिन धर्म की सेवा करने वालों के मार्ग स्वयं भगवान प्रशस्त करते हैं।

भावुकता से भरे इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने स्वामी रामभद्राचार्य जी को पितातुल्य बताया और कहा कि वे जीवनभर उनके मार्गदर्शन में रहकर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा करते रहेंगे।यह भेंट पूरी तरह आत्मीय, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक रही। स्वामी जी ने डॉ. वर्मा को स्नेहपूर्वक आलिंगन कर आशीर्वाद, प्रेम और अपनत्व से अभिभूत कर दिया।

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