मथुरा के फरह स्थित दीनदयाल धाम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव का समापन हो गया । समापन समारोह में प्रयागराज से आईं सुप्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने अपनी स्वर माधुरी से उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।भजन संध्या की शुरुआत हुई ‘सत्यम शिवम् सुंदरम’ जैसे दिव्य भजन से… और जैसे ही ‘कभी राम बनकर आना, कभी श्याम बनकर आना’ की धुन गूंजी .पंडाल में मौजूद हर कोई भक्ति में लीन नजर आया।पूरा वातावरण ‘राधे-राधे’ की गूंज और करतल ध्वनि से भर उठा।कार्यक्रम में महोत्सव समिति के अध्यक्ष सोहनलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र पाठक, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता पर सभी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को धन्यवाद भी प्रकट किया गया।भक्ति, संस्कृति और समाजसेवा का यह संगम पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव एक बार फिर जन-जन के दिलों में अमिट छाप छोड़ गया।
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मथुरा के फरह स्थित दीनदयाल धाम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेला का समापन भव्य भजन संध्या के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित रात्रिकालीन भजन संध्या में प्रयागराज से आईं सुप्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और फिर ‘सत्यम शिवम् सुंदरम’ जैसे भावपूर्ण भजन से हुई। इसके बाद ‘मेरे मोहन मुरलिया वाले’ और ‘कभी राम बनकर आना, कभी श्याम बनकर आना’ जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
राधे-राधे की गूंज और करतल ध्वनि से पूरा पंडाल भक्ति-रस में डूबा नजर आया। भजनों में राधा-कृष्ण और श्रीराम की महिमा को प्रस्तुत कर गायिका ने माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
महोत्सव के इस आयोजन में समिति अध्यक्ष सोहनलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पाठक, स्मारक समिति के मंत्री केशव कुमार शर्मा, निदेशक सोनपाल, थाना प्रभारी त्रिलोकी सिंह, और कई गणमान्य अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कोषाध्यक्ष नरेंद्र पाठक ने सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं व विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।





