सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को श्रीबांके बिहारी मंदिर के फंड से कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दे दी है। कोर्ट के निर्देशानुसार, मंदिर ट्रस्ट की धनराशि का उपयोग कर सरकार मंदिर के आसपास पांच एकड़ भूमि खरीदेगी और उसे ठाकुर जी के नाम पंजीकृत किया जाएगा।बांके बिहारी कॉरिडोर करीब 500 करोड़ की लागत से काशी कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें विशाल प्रतीक्षालय, पेयजल, चिकित्सा और शिशु देखभाल जैसी सुविधाएं होंगी। निर्माण के बाद करीब 10 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकेंगे।हाईकोर्ट से असहमति के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, जहां अब उसे मंदिर फंड के इस्तेमाल की हरी झंडी मिल गई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्रीबांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनवाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि मंदिर फंड से खरीदी गई जमीन को मंदिर के देवता ठा. श्रीबांके बिहारी जी के नाम पर ही पंजीकृत किया जाए।
शीर्ष अदालत का यह आदेश राज्य सरकार की उस 500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास योजना को ध्यान में रखते हुए आया है, जिसमें मंदिर क्षेत्र में भव्य कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत मंदिर के चारों ओर पांच एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 नवंबर 2023 को राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मंदिर कॉरिडोर का निर्माण सरकार अपने खर्चे से करे और मंदिर ट्रस्ट की धनराशि का उपयोग न किया जाए। लेकिन राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि अगर जमीन सरकार के पैसे से खरीदी जाएगी, तो उस पर सरकार का अधिकार होगा। वहीं मंदिर फंड से खर्च किए जाने पर उसे मंदिर के साथ जोड़ा जा सकेगा और इसका संचालन मंदिर प्रबंधन समिति के अधीन रहेगा।
कॉरिडोर की रूपरेखा वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर तैयार की गई है। पांच एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिसमें विशाल प्रतीक्षालय, सामान व जूता घर, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और शिशु देखभाल केंद्र शामिल होंगे।
कॉरिडोर क्षेत्र का ऊपरी हिस्सा 10,600 वर्ग मीटर और निचला हिस्सा 11,300 वर्ग मीटर में फैला होगा। इसके निर्माण के बाद एक समय में 10,000 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। परियोजना के लिए 276 से अधिक भवनों का अधिग्रहण किया जाएगा, जिनमें 149 आवासीय, 66 व्यावसायिक और 57 मिश्रित उपयोग वाले भवन शामिल हैं।
इस परियोजना के तहत न केवल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, बल्कि श्रीबांके बिहारी मंदिर के परिक्रमा मार्ग को भी नए स्वरूप में ढाला जाएगा। मंदिर परिसर के निकट राधागोपाल, राधाबिहारी और केशवजू मंदिरों को भी कॉरिडोर का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक आकर्षक हो सके





