Monsoon Session: हंगामे के बीच संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, राज्यसभा से भी ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पास, 37 घंटे हुई चर्चा

हंगामे के बीच संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, राज्यसभा से भी ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पास

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन भी विपक्ष के हंगामे का दौर जारी रहा। राज्यसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल पारित हुआ, जबकि विपक्षी सांसद SIR मुद्दे पर चर्चा की मांग करते रहे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश करते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एक नशे की लत बन चुकी है, जिससे कई लोग अपनी पूरी जमा पूंजी गंवा चुके हैं। बिल का उद्देश्य मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना है। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंत में अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बताया कि पूरे सत्र में केवल 37 घंटे चर्चा हो सकी जबकि 120 घंटे निर्धारित किए गए थे। 12 विधेयक लोकसभा और 14 विधेयक राज्यसभा में पारित हुए। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में तीन बिल पेश किए. इनमें एक संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, 2025 और तीसरा- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल है। विधेयक को लेकर विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया, कागज फाड़े और गृह मंत्री पर गोले बनाकर फेंके.

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संसद का मानसून सत्र भारी हंगामे और विरोध के बीच गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। आखिरी दिन भी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया।

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पेश किया, जिसे हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एक गंभीर लत बन चुकी है और कई लोगों की जानें इस आदत की वजह से जा चुकी हैं।

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने तीन अहम विधेयक—संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक—संसद की संयुक्त समिति (JPC) को भेजने के लिए रखे। लेकिन जैसे ही ये बिल सदन में रखे गए, विपक्षी सांसदों ने कागज फाड़कर गृह मंत्री पर फेंक दिए और जोरदार नारेबाजी की।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जानकारी दी कि पूरे सत्र में 120 घंटे की चर्चा तय थी, लेकिन सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। लोकसभा में कुल 12 विधेयक पारित हुए और 419 सवालों में से केवल 55 के ही मौखिक उत्तर दिए गए। राज्यसभा में भी 14 विधेयक पारित हुए, लेकिन विपक्ष के विरोध और लगातार व्यवधान के कारण सामान्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।

इस बीच विपक्ष बिहार SIR मुद्दे पर चर्चा की लगातार मांग करता रहा, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया, जिससे हंगामा और बढ़ गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर बोलने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने उन्हें रोका, जिसके बाद खरगे और किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस भी हुई।

बिल पास होने के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। स्पीकर द्वारा बुलाई गई शिष्टाचार बैठक में राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेता शामिल नहीं हुए।

इस पूरे सत्र को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जनता का समय और संसाधन बर्बाद करने का आरोप लगाया।भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति सिर्फ ट्यूटर और ट्वीट से चलती है।

सरकार की ओर से पेश किए गए विधेयकों में ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण, भ्रष्टाचार या आपराधिक मामलों में फंसे जनप्रतिनिधियों को हटाने का प्रावधान और जम्मू-कश्मीर से जुड़ा महत्वपूर्ण संशोधन शामिल हैं। ये सभी विधेयक अब संयुक्त समिति के पास भेजे गए हैं।

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