रक्षाबंधन का पर्व इस साल 9 अगस्त, यानी आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व होता है और यह हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और रक्षा के वचन का प्रतीक होता है।विशेष बात यह है कि इस बार न तो भद्राकाल का प्रभाव रहेगा और न ही पंचक का कोई व्यवधान होगा। ऐसे में पर्व के दिन राखी बांधने के लिए एक लंबा और शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, बहनों को अपने भाई को राखी बांधने के लिए रक्षाबंधन पर पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा।
रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है, जो हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं. इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त यानी कल मनाया जाएगा. रक्षाबंधन हिंदुओं का महत्वपूर्ण पर्व है, जो भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है. भारत के अलावा भी विश्व भर में जहां पर हिंदू धर्म के लोग रहते हैं, वहां इस पर्व को भाई बहनों के बीच मनाया जाता है.
Raksha Bandhan Shubh Muhurat: आज रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया
आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में राखी पूरे दिन बांधी जा सकेगी। अगर शुभ मुहूर्त का विचार करें तो आज राखी बांधने के तीन शुभ मुहूर्त मिलेंगे। पहला मुहूर्त सुबह से लेकर 9 बजे तक। दूसरा दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 4 बजकर 30 मिनट तक। तीसरा शुभ मुहूर्त शाम 06 बजे से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त साथ ही भद्रा और राहुकाल का समय
आज पूरे देशभर में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र यानी राखी बांधती हैं, उन्हें तिलक कर आरती उतारती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि व उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं। बदले में भाई बहनों को उपहार देकर उनकी जीवनभर रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व हर वर्ष श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है, जो भारतीय पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को मजबूती प्रदान करता है।
इस वर्ष बना दुर्लभ संयोग
रक्षाबंधन 2025 पर एक विशेष संयोग बन रहा है। करीब 100 वर्षों में पहली बार ऐसा अवसर आया है जब इस पर्व पर न भद्राकाल का साया रहेगा और न ही पंचक का प्रभाव। इसका मतलब है कि राखी बांधने के लिए पूरा दिन शुभ और मंगलकारी रहेगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, जिसकी अवधि 7 घंटे 37 मिट की रहेगी. बहनें इस अवधि के दौरान भाई को राखी बांध सकती हैं और पूजा-विधि पूरी कर सकती हैं।
पूजन विधि एवं मंत्र
राखी बांधने से पहले भाई को पूर्व या उत्तर दिशा में बिठाएं। तिलक करें, आरती उतारें, मिठाई खिलाएं और फिर राखी बांधें। इसके दौरान यह मंत्र बोलना शुभ माना जाता है
रक्षा सूत्र बांधने का पौराणिक मंत्र
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः.
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल..
रक्षासूत्र बांधने का वैदिक मंत्र
ॐ यदा बध्नन् दाक्षायणा हिरण्यं शतानीकाय सुमनस्यमाना: तन्मऽआबघ्नामि शत शारदायायुष्माञ्जरदृष्टिर्यथासम्.
आज रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करती हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहनें एक दूसरे को राखी की शुभकामना संदेश भेजते हैं।
माना तुमसे लड़ती हूं, झगड़ती हूं मैं
पर हक से तुमसे सब कह सकती हूं मैं
भाई का प्यार दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता है
तुम्हारे होने से दुनिया की सबसे लकी बहन हूं मैं।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
राखी का त्योहार है खुशियों की बौछार,
बहन का प्यार और भाई का उपहार।
रिश्तों में मिठास घोलता ये त्योहार,
मुबारक हो आपको राखी का त्योहार।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
नन्हे-नन्हे धागों में प्यार छुपा होता है,
हर बहन को भाई पर गर्व होता है।
राखी का दिन है रिश्तों का त्योहार,
खुश रहो भाई तुम बारंबार।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
इस दिन हर घर में मिठाइयों की मिठास, हंसी-ठिठोली और उपहारों का आदान-प्रदान देखने को मिलता है। रक्षाबंधन न केवल एक त्योहार है, बल्कि भारतीय संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की गहराई को दर्शाने वाला दिन भी है।





