मथुरा के राया कस्बे में कटरा बाजार रेलवे फाटक बंदी के विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को महिलाओं ने भी विरोध में शामिल होकर रेलवे के खिलाफ नारेबाजी की। समाजसेवी भूपेश अग्रवाल, अंकुर देवा प्रधान, अमित गोयल सहित कई लोगों ने खून से रेल मंत्री को पत्र लिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक बंद होने के बाद आवागमन पर असर पड़ा है, और वैकल्पिक सड़क बहुत छोटी होने व पहले से अतिक्रमित होने के कारण उपयोगी नहीं है। संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे की डीआरएम बीना सिन्हा से मुलाकात कर समस्या बताई, और डीआरएम ने आश्वासन दिया है कि 26 सितंबर को राया आकर हल निकाला जाएगा।
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राया कस्बे में कटरा बाजार रेलवे फाटक के बंद होने को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को महिलाएं धरने में शामिल हुईं और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
समाजिक कार्यकर्ता अमित गोयल, अंकुर देवा प्रधान सहित अन्य व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने रेल मंत्री को खून से पत्र लिखा, जिससे विरोध की गंभीरता उजागर हुई। उनका कहना है कि रेलवे द्वारा बनाए गए वैकल्पिक सड़क मार्ग बेहद संकीर्ण है और पहले से ही अतिक्रमित है, इसलिए बंदी के बाद निकलने-घूमने का कोई उचित मार्ग नहीं बचा है।
संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में रेलवे डीआरएम बीना सिन्हा से मुलाकात की और समस्याएँ बतायीं। डीआरएम ने आश्वासन दिया कि वह 26 सितंबर को राया जाकर इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि फाटक बंद होने से लगभग 50 प्रतिशत आबादी प्रभावित हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई हो रही है और बाजार व अन्य जरूरतों के लिए लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने तुरंत समाधान की मांग की है, अन्यथा धरना जारी रहेगा।





