उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार दोपहर 11 बजे से 14 अगस्त दोपहर 11 बजे तक लगातार 48 घंटे विशेष चर्चा आयोजित की जा रही है। इस चर्चा को ‘यूपी 2047 विजन डॉक्युमेंट’ का नाम दिया गया है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि आगामी 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में क्या रोडमैप होना चाहिए, इस पर विस्तृत विचार किया जाए।
यह चर्चा 24 घंटे निर्बाध रूप से चले, इसके लिए मंत्रियों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। इसके तहत शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। बुधवार शाम 6 बजे से गुरुवार सुबह 11 बजे तक सदन में 28 मंत्री मौजूद रहेंगे, जिनमें सबसे ज्यादा 8 मंत्री तड़के तीन बजे से सुबह छह बजे तक की शिफ्ट में रहेंगे।
विधानसभा और विधान परिषद दोनों में 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ थीम पर चर्चा की शुरुआत होगी। विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सबसे पहले अपनी बात रखेंगे।
सभी सदस्यों को यह अवसर मिलेगा कि वे यह बताएं कि 2047 में वे उत्तर प्रदेश को किस रूप में देखना चाहते हैं, और वहाँ तक पहुँचने के लिए किन प्राथमिकताओं पर कार्य होना चाहिए। मंत्रियों के लिए भी बोलने के समय तय कर दिए गए हैं।
इस विशेष चर्चा को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। पार्टी के विधायक आरके वर्मा ने कहा कि भाजपा की ओर से जारी विजन डॉक्युमेंट में ऐसा कुछ नया नहीं है, जो पहले नहीं सुना गया हो। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या काला धन वापस आया? क्या हर खाते में 15 लाख रुपये पहुँचे? क्या दो करोड़ लोगों को हर साल रोजगार मिला? नोटबंदी से क्या लाभ हुआ? किसानों की आय दोगुना करने के वादे का क्या हुआ?
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस चर्चा को अनावश्यक बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी बुधवार सुबह 10 बजे बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी।
इस बीच मंगलवार को विधानसभा में छह महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए। इनमें उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2025, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025, उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) विधेयक 2025 और उत्तर प्रदेश लोक अभिलेख विधेयक 2025 शामिल हैं।
माल और सेवा कर विधेयक के तहत अब धारा 129 के अंतर्गत जुर्माने के मामलों में अपील करने से पहले जमा की जाने वाली धनराशि को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही, इनपुट सेवा वितरकों को आयातित माल पर चुकाए गए कर से बने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के वितरण की भी अनुमति दी गई है।
निरसन विधेयक के तहत 35 पुराने विधेयकों को समाप्त किया गया है, जिनमें रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े दो विधेयक भी शामिल हैं। इसके अलावा, 72 साल पुराने विश्वविद्यालय कानून भी रद्द किए गए हैं। अयोध्या में प्रस्तावित महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय और गाजियाबाद के मोदीनगर में केएन मोदी विश्वविद्यालय से संबंधित संशोधन विधेयकों को भी मंजूरी दे दी गई है।
उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) विधेयक के तहत अब प्रदेश में सभी वाहनों पर एकमुश्त कर जमा करने की सुविधा दी गई है। इससे वाहन मालिकों को बार-बार टैक्स भरने की जरूरत नहीं होगी और परिवहन विभाग को टैक्स जमा करने के लिए वाहनों की जांच नहीं करनी पड़ेगी।





